पहले यह तय था कि मुत्तक़ी शिल्पग्राम से गोल्फ़ कार्ट में सवार होकर वीवीआईपी गेट से ताजमहल में प्रवेश करेंगे। इसके बाद वे लगभग एक घंटे तक ताजमहल का भ्रमण करेंगे। मुत्तक़ी के ताजमहल दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। आगरा के शहर मुफ़्ती माजिद रूमी के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल मुत्तक़ी से मिलना चाहता था, लेकिन ज़िला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी भारत दौरे पर हैं। दिल्ली में उन्होंने देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाक़ात और बातचीत की। इसके बाद, अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री का आगरा दौरा तय था। इसे लेकर पुलिस और प्रशासन बेहद सतर्क था। ताजमहल के दौरे के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शिल्पग्राम पार्किंग से लेकर ताजमहल के दोनों प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
आपको बता दें कि किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के ताजमहल दौरे के दौरान पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी राष्ट्राध्यक्ष नहीं हैं। इसलिए, उनके दौरे के दौरान ताजमहल आम पर्यटकों के लिए बंद नहीं है। मुत्तक़ी की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ ने कड़े इंतज़ाम किए थे। होटल में दोपहर के भोजन का कार्यक्रम रखा गया था, जहाँ उनके दोस्तों के अलावा किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं थी। गौरतलब है कि शहर मुफ़्ती माजिद रूमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी के आगरा दौरे के दौरान उनसे मुलाक़ात के लिए ज़िला प्रशासन से अनुमति माँगी थी। लेकिन ज़िला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इस पर हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, शहर काज़ी सैयद अहमद अली, दाऊद इक़बाल, इरफ़ान अहमद और दाऊद शेख ने नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि यह पुलिस और प्रशासन की मनमानी है। मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल को आदरणीय नेता से मिलने से रोका गया है, जो गलत है।

